राम सो परमात्मा भवानी, तहँ भ्रम अति अबिहित तब बानी !
अस संसय आनत उर माहीं, ज्ञान बिराग सकल गुन जाहीं!!
शिव जी बोले हे भवानी ! रामचंद्र ही परमात्मा है उनके विषय में तुम्हारे वचन अनुचित है ! श्री राम के प्रति संदेह मन में लाते ही ज्ञान, वैराग्य और सम्पूर्ण गुण नष्ट हो जाते हैं !
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