चौ : - सुनु गिरिजा हरिचरित सुहाये, बिपुल बिसद निगमागम गाये !
हरि अवतार हेतु जेहि होई, इदमित्थ केहि जाइ न सोई !!
शिव जी बोले हे गिरिजा ! सुनो, भगवान के सुन्दर विशाल निर्मल चरित्र वेद और शास्त्रों ने गान किया है !
ईश्वर का अवतार जिस कारण होता है, वह नहीं कहा जा सकता कि ये ऐसा ही है
अर्थात असंख्यों कारण एकत्र होने पर परमात्मा का अवतार होता है !
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