शनिवार, 18 जनवरी 2025

श्री राम चरित्रमानस - बाल काण्ड


हरि गुन नाम अपार, कथा रूप अगनित अमित !

मैं निज मति अनुसार, कहऊँ उमा सादर सुनहु !!

शिव जी बोले भगवान के गुन और नाम अपार हैं, उनकी कथा का रूप अपरिमित और अनन्त है ! 

हे उमा ! मैं अपनी बुद्धि अनुसार कहता हूँ ! तुम आदर पूर्वक सुनो ! 

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