A Dedicated Blog to Depict Shri Ram Chandra Ramayan Written by Goswami Tulsidas Ji & Shalokas in Hindi
हरि गुन नाम अपार, कथा रूप अगनित अमित !
मैं निज मति अनुसार, कहऊँ उमा सादर सुनहु !!
शिव जी बोले भगवान के गुन और नाम अपार हैं, उनकी कथा का रूप अपरिमित और अनन्त है !
हे उमा ! मैं अपनी बुद्धि अनुसार कहता हूँ ! तुम आदर पूर्वक सुनो !
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